मंच पर सक्रिय योगदान न करने वाले सदस्यो की सदस्यता समाप्त कर दी गयी है, यदि कोई मंच पर सदस्यता के लिए दोबारा आवेदन करता है तो उनकी सदस्यता पर तभी विचार किया जाएगा जब वे मंच पर सक्रियता बनाए रखेंगे ...... धन्यवाद   -  रामलाल ब्लॉग व्यस्थापक

हास्य जीवन का अनमोल तोहफा    ====> हास्य जीवन का प्रभात है, शीतकाल की मधुर धूप है तो ग्रीष्म की तपती दुपहरी में सघन छाया। इससे आप तो आनंद पाते ही हैं दूसरों को भी आनंदित करते हैं।

हँसे और बीमारी दूर भगाये====>आज के इस तनावपूर्ण वातावरण में व्यक्ति अपनी मुस्कुराहट को भूलता जा रहा है और उच्च रक्तचाप, शुगर, माइग्रेन, हिस्टीरिया, पागलपन, डिप्रेशन आदि बहुत सी बीमारियों को निमंत्रण दे रहा है।

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गुरुवार, 28 जुलाई 2011

क्योकि मै ............ हूं


संता ग्राउंड पर लडकों को इधर उधर दौडते हूए और बॉल के साथ

खेलते हूए देख रहा था

तभी संता ध्यान एक तरफ अकेले खडे बच्चे की तरफ गया।

उसने उस लडके के पास जाकर पूछा,

" सब ठीक तो है ना?'

'हां ' उस लडके ने जवाब दिया.

' फिर तुम उधर जाकर उन लडकों के साथ क्यो नही खेलते हो ?' संता ने पूछा

' नही मै उधर नही जाऊंगा... मै इधर ही ठीक हूं ' उस लडके ने जवाब दिया

' लेकिन क्यों ?'' संता ने पूछा.

लडके ने चिढकर उत्तर दिया- ' क्योकि मै गोल किपर हूं '

गुरुवार, 14 जुलाई 2011

सरकारी ठेकेदार का हिसाब-किताब !


तीन ठेकेदार एक पुलिया की मरम्मत के ठेके के लिए बोली लगाने पहुंचे।
अधिकारी उन्हें उस
पुलिया पर ले गया जिसकी मरम्मत होनी थी।

पहले ठेकेदार ने जेब से फीता निकाला, कुछ नापतौल की, कैलकुलेटर पर कुछ हिसाब लगाया और बोला – मैं इस काम को 90000 रूपए में कर दूंगा। 40000 सामग्री के लिए, 40000 मजदूरों के लिए और 10000 मेरे लिए।

दूसरे ठेकेदार ने भी नाप तौल की, कुछ यही हिसाब लगाया और बोला – 70000 रूपए। ३0000 सामग्री के लिए और ३0000 मजदूरी के। बाकी 10000 मेरे

तीसरे ठेकेदार ने न नापतौल की न हिसाब लगाया। अधिकारी के कान के पास मुंह ले जाकर कहा – 270000 रूपए।

अधिकारी बोला – देख नहीं रहे। दूसरा 70000 में करने को तैयार है ।
कुछ नापतौल तो करो, हिसाब तो लगाओ तब बोलो।

तीसरा ठेकेदार फिर उसके कान में फुसफुसाया –
पूरी बात तो सुनिए …… ।
एक लाख मेरे, एक लाख आपके और 70000 दूसरे वाले ठेकेदार के लिए जो यह काम करके देगा।

और ठेका तीसरे ठेकेदार को दे दिया गया...।

गुरुवार, 7 जुलाई 2011

घोडे का फोन और नाराज बीवी ?


एक आदमी पेपर पढ रहा था जब उसके बीवी ने उसके सर में फ्राईंग पॅनसे मारा।

'' यह किसलिए '' उस आदमी ने पुछा.

ने जवाब दिया, '' वह तुम्हारी पॅंन्ट की जेब से एक कागज का टुकड़ा मिला उस पर 'जेनी' ऐसा

लिखा हूआ था इसलिए। ''

'' अरे पिछले हफ्ते मै रेसकोर्स गया था और जिस घोडे पर मैने पैसे लगाए थे उसका नाम 'जेनी' था ''

उस आदमी ने सफाई दी.

उसके बीवी ने उससे माफी मांगी और वह काम करने के लिए घर के अंदर चली गई.

तीन दिन बाद वह आदमी टीवी देख रहा था जब उसके बिवी ने और एक बडे फ्राईंग

पॅन से उसके सर में जोर से


मारा इतने जोर से की वह बेहोश हो गया.

जब उस आदमी को होश आया उसने पुछा, '' अब यह किसलिए मारा ''

'' कल तुम्हारे घोडे का फोन आया था इसलिए '' उसके बीवी ने जवाब दिया

बुधवार, 29 जून 2011

फ्रिज से हाई ब्लड प्रेशर.....


दो महिलाओं की मुलाकात स्वर्ग में हुई.

पहली - कहो बहिन, तुम्हारी मौत कैसे हुई ?

दूसरी - ज्यादा ठण्ड लगने के कारण. और तुम्हारी ?

पहली - हाई ब्लड प्रेशर के कारण. बात दरअसल यह

हुई कि मुझे अपने पति पर शक था. एक दिन मुझेपता चला कि

वो घर में किसी दूसरी औरत के साथ हैं. मैं फ़ौरन घर पहुंची तो

देखा कि मेरे पति आराम से अकेलेटीवी देख रहे हैं.

दूसरी - फिर क्या हुआ ?

पहली - खबर पक्की थी इसलिए मुझे विश्वास नहीं हुआ. मैंने उस

औरत को घर के कोने कोने में, तहखाने में, पर्दोंके पीछे, गार्डेन

में यहाँ तक कि अलमारी और संदूक तक में तलाश किया पर वह

नहीं मिली. मुझे इतनी टेंशन हुई कि मेरा ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ गया

और मेरी मौत हो गई.

दूसरी - काश! तुमने फ्रिज और खोलकर देख लिया होता

तो आज हम दोनों जिन्दा होती........ !!!

सोमवार, 27 जून 2011

जहा तुम पढ़ते हो, हम वहां के प्रिंसिपल है !!


एक रात, चार कॉलेज विद्यार्थी देर तक मस्ती करते रहे और जब होश आया तो अगली सुबह होने वाली परीक्षा का भूत उनके सामने आकर खड़ा हो गया।

परीक्षा से बचने के लिए उन्होंने एक योजना बनाई। मैकेनिकों जैसे गंदे और फटे पुराने कपड़े पहनकर वे प्रिंसिपल के सामने जा खड़े हुए और उन्हें अपनी दुर्दशा की जानकारी दी। उन्होंने प्रिंसिपल को बताया कि कल रात वे चारों एक दोस्त की शादी में गए हुए थे। लौटते में गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया।

किसी तरह धक्का लगा-लगाकर गाड़ी को यहां तक लाए हैं। इतनी थकान है कि बैठना भी संभव नहीं दिखता, पेपर हल करना तो दूर की बात है। यदि प्रिंसिपल साहब उन चारों की परीक्षा आज के बजाय किसी और दिन ले लें तो बड़ी मेहरबानी होगी।

प्रिंसिपल साहब बड़ी आसानी से मान गए। उन्होंने तीन दिन बाद का समय दिया। विद्यार्थियों ने प्रिंसिपल साहब को धन्यवाद दिया और जाकर परीक्षा की तैयारी में लग गए।

तीन दिन बाद जब वे परीक्षा देने पहुंचे तो प्रिंसिपल ने बताया कि यह विशेष परीक्षा केवल उन चारों के लिए ही आयोजित की गई है। चारों को अलग-अलग कमरों में बैठना होगा।

चारों विद्यार्थी अपने-अपने नियत कमरों में जाकर बैठ गए। जो प्रश्नपत्र उन्हें दिया गया उसमें केवल दो ही प्रश्न थे -


प्र. 1 आपका नाम क्या है ? (2 अंक)

प्र. 2 गाड़ी का कौनसा टायर पंक्चर हुआ था ? ( 98 अंक )

. अगला बायां

. अगला दायां

. पिछला बायां

. पिछला दायां

सोमवार, 13 जून 2011

बच्चे के साथ डांस नहीं ....


रोहन अपने मित्रों के साथ एक डिस्को में गया,

जहां उसे एक बेहद खूबसूरत लड़की अकेली बैठी दिखाई दी...

रोहन मुस्कुराता हुआ लड़की के पास पहुंचा,

और उसे डांस के लिए प्रपोज़ किया...

लड़की ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया,

"मैं बच्चे के साथ डांस नहीं करती..."

रोहन झट से बोला, "माफ कीजिएगा, मिस...

मुझे नहीं पता था कि

आप प्रेग्नेन्ट हैं..."

रविवार, 5 जून 2011

कंप्यूटर बनाम प्यार


अभी अभी तो प्यार का PC किया है चालु
अपने दिल के Hard Disk पे और कितनी Files डालु

अपने चेहरे से रूसवाई की Error तो हटाओ
ऐ जानेमन अपने दिल का Password तो बताओ

वो तो हम है जो आप की चाहत दिल मॆं रखते है
वरना आप जैसे कितने Softwares तो बाज़ार में बिकते है

रोज़ रात आप मेरे सपने में आते हो
मेरे प्यार को Mouse बना के उंगलियों पे नचाते हो

तेरे प्यार का Email मेरे दिल को लुभाता है
पर बीच में तेरे बाप का Virus आ जाता है

और करवाओगे हमसे कितना इन्तजार
हमारे दिल की साईट पे कभी Enter तो मारो यार

अपने इन्सल्ट का बदला देखो कैसे लुंगा
जानेमन तेरे बाप को Ctrl+Alt+Delete कर दुंगा

आपके कई नखरे अपने दिल पे बैंग हो गये
दो PC जुड़ते जुड़ते Hang हो गये

आप जैसो के लिये दिल को Cut किया करते है
वरना बाकी केसेस में तो Copy Paste किया करते हैं

आपक हँसना आप क चलना आप की वो स्टाईल
आपकी अदाओं की हमने Save कर ली है File

जो सदीयों से होता आया है वो रीपीट कर दुंगा
तु ना मिली तो तुझे Ctrl+Alt+Delete कर दुंगा

लड़कीयां सुन्दर हैं और लोनली हैं
प्रोब्लम है कि बस वो Read Only हैं

शायद मेरे प्यार को टेस्ट करना भुल गये
दिल को ऐसा Cut किया की Paste करना भुल गये

वो समझते हैं दिल तोड़ दिया तो हम Dead हैं
वो नहीं जानते की इस दिल में और कितने थ्रेड हैं

रोज़ सुबह हम करते है इतने प्यार से उन्हे गुड मोर्निंग
वो हमे घूर कर देखते हैं जैसे 0 error but 5 warnings

मंगलवार, 31 मई 2011

अंकल, हम बेवकूफ नहीं हैं ...

11 वर्षीय रोहन और उसके पड़ोस में रहने वाली 10 सलोनी को साथ-साथ खेलते हुए यह एहसास हो जाता है कि वे एक-दूसरे से बेहद प्यार करते हैं, और उन्हें शादी कर लेनी चाहिए...

रोहन सलोनी के पिता के पास पहुंच जाता है, और हिम्मत जुटाकर कह डालता है, "मिश्रा अंकल, मैं और आपकी बेटी सलोनी एक-दूसरे से प्यार करते हैं, और मैं आपसे शादी के लिए उसका हाथ मांगने आया हूं..."

मिश्रा जी को नन्हे शरारती रोहन की हरकत बेहद प्यारी लगती है, और वह डांटने के बजाए मुस्कुराते हुए रोहन से पूछते हैं, "यार, तुम अभी सिर्फ 11 साल के हो, और तुम्हारे पास घर भी नहीं है... तुम और सलोनी रहोगे कहां...?"

रोहन तपाक से कहता है, "सलोनी के कमरे में, क्योंकि वह मेरे कमरे से बड़ा है, और वहां हम दोनों के लिए ज़्यादा जगह है..."

मिश्रा जी को अब भी रोहन की इस मासूमियत पर प्यार आता है, और वह फिर पूछते हैं, "ठीक है... लेकिन तुम लोग गुज़ारा कैसे चलाओगे... आखिर इस उम्र में तुम्हें नौकरी तो मिल नहीं सकती...?"

रोहन फिर बहुत शांत स्वर में जवाब देता है, "हमारा जेबखर्च है न... उसे 100 रुपये प्रति सप्ताह मिलता है, और मुझे 150 रुपये प्रति सप्ताह... इस हिसाब से हम दोनों के लगभग 1000 रुपये हर महीने मिल जाता है, जो हमारी ज़रूरतों के लिए काफी रहेगा..."

मिश्रा जी इस बात से भौंचक्के रह जाते हैं, कि रोहन ने इस विषय पर इतनी गंभीरता से, और इतनी आगे तक सोच रखा है...

सो, वह सोचने लगते हैं कि ऐसा क्या कहें कि रोहन को जवाब न सूझे, और उसे इस उम्र में सलोनी से शादी न करने के लिए समझाया जा सके...

कुछ देर बाद वह फिर मुस्कुराते हुए रोहन से सवाल करते हैं, "यह बहुत अच्छी बात है, बेटे, कि तुमने इतनी अच्छी तरह सब प्लान किया हुआ है, लेकिन यह बताओ, कि अगर तुम दोनों के बच्चे हो गए, तो क्या यह जेबखर्च कम नहीं पड़ेगा...?"

रोहन ने इस बार भी तपाक से जवाब दिया, "अंकल, हम बेवकूफ नहीं हैं... जब आज तक नहीं होने दिया, तो आगे भी .........."

रविवार, 29 मई 2011

सभी जवाब काल्पनिक हैं ....

गजोधर और मनोहर अपनी कॉलेज की परीक्षा देने के लिए


गए पर उन्हें कुछ नहीं आता था


गजोधर : यार उत्तरपुस्तिका पर क्या लिखूं ?


मनोहर : यही कि


इस शीट पर लिखे गए सभी जवाब काल्पनिक हैं


जिनका किसी भी किताब से कोई सम्बन्ध नहीं है …… !

सोमवार, 23 मई 2011

जानता हूं और इसीलिए आपके पास आया हूं ......


एक व्यक्ति पशुओं के डॉक्टर के पास पहुंचा और कहा कि तबियत

ठीक नहीं लग रही है, दिखाना है।

डॉक्टर ने कहा कि कृपया मेरे

सामने वाले क्लीनिक में जाएं, मैं तो जानवरों का डॉक्टर हूं।

वहां देखिए, लिखा हुआ है।

रोगी– नहीं डॉक्टर साब मुझे आप ही को दिखाना है।

डॉक्टर– अरे यार, मैं पशुओं का डॉक्टर हूं। मनुष्यों का इलाज

नहीं करता।

रोगी– डॉक्टर साब मैं जानता हूं और इसीलिए आपके पास आया हूं।

इस पर डॉक्टर साब चौंक गए। जानते हो? फिर

मेरे पास क्यों आए।

रोगी- मेरी तकलीफ सुनेंगे तो जान जाएंगे।

डॉक्टर- अच्छा बताओ।

रोगी– सारी रात काम के बोझ से दबा रहता हूं।

सोता हूं तो कुत्ते की तरह सोता हूं।

चौबीसों घंटे चौकस रहता हूं।

सुबह उठकर घोड़े की तरह भागता हूं।

रफ्तार मेरी हिरण जैसी होती है।

गधे की तरह सारे दिन काम करता हूं।

मैं बिना छुट्टी की परवाह किए पूरे साल बैल की तरह लगा रहता हूं।

फिर भी बॉस को देखकर कुत्ते की तरह दुम हिलाने लगता हूं।

अगर कभी, समय मिला तो अपने बच्चों के साथ

बंदर की तरह खेलता हूं।

बीवी के सामने खरगोश की तरह डरपोक रहता हूं।

मंगलवार, 10 मई 2011

सभी परीक्षार्थी हैरान हुए......


रोहन परीक्षा दे रहा था, लेकिन हॉल में मौजूद परीक्षक लगातार घूम रही थी,

और नकल कर पाने का मौका ही नहीं मिल रहा था...

परेशान होकर रोहन ने एक चिट पर कुछ लिखकर परीक्षक के हाथ में थमा दिया...

परीक्षक ने चिट पढ़ी और चुपचाप जाकर कुर्सी पर शांत बैठ गई, परीक्षार्थियों की चांदी हो गई...

सभी परीक्षार्थी हैरान हुए, लेकिन फटाफट एक-दूसरे की मदद से उत्तरपुस्तिका भरने लगे...

परीक्षा खत्म होने के बाहर निकलते ही बच्चों ने रोहन को घेर लिया, और पूछा,

"यार, तूने मैडम को क्या लिखकर दिया था पर्ची में...?"

रोहन ने शरारती मुस्कुराहट के साथ जवाब दिया,

"मैंने लिखा था, मैडम, आपकी सलवार पीछे से फटी हुई है..."

बुधवार, 27 अप्रैल 2011

दो और दो कितने होते हैं...


एक सरकारी कार्यालय में एकाउन्टेन्ट के पद के लिए एक उम्मीदवार का इंटरव्यू लिया जा रहा था...

परीक्षक ने पूछा : दो और दो कितने होते हैं...?

सवाल सुनकर उम्मीदवार उठा और आहिस्ते से कमरे का दरवाजा खोलकर बाहर झांका...

फिर उसने झुककर मेज के नीचे झांका... कहीं कोई न था...

फिर वह सारे खिड़की-दरवाजे बन्द कर परीक्षक के कान में फुसफुसाया :

कितने होते हैं, इसको मारिए गोली... आप बताइए सर, आप कितने करवाना चाहते हैं...?

उसे बिना और कोई सवाल पूछे नौकरी पर रख लिया गया.

मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

दीपक बुझाने के लिए...


एक युगल की शादी को कई साल हो गए, लेकिन उनके घर बच्चा न हुआ...

डॉक्टरों-हकीमों की भी मदद ली, लेकिन व्यर्थ...

आखिरकार, वे ईश्वर की सहायता लेने के उद्देश्य से एक साधु के पास पहुंचे...

साधु ने उनकी व्यथा सुनकर द्रवित होते हुए आश्वासन दिया,

"बेटे, तुम बिल्कुल सही समय पर आए हो...

मैं कुछ वर्ष के लिए तपस्या करने हिमालय पर्वत पर जा रहा हूं...

उसी तपस्या के दौरान मैं तुम दोनों के लिए भी एक दीपक जलाऊंगा,

जिससे तुम्हें अवश्य ही संतान प्राप्त होगी..."

लगभग 15 वर्ष बाद तपस्या के समापन पर जब साधु महाराज लौटे,

उस दंपति का हाल जानने के लिए उनके घर पहुंचे...

जैसे ही दरवाजा खुला, साधु ने देखा कि लगभग एक दर्जन बच्चे आंगन में

धमा-चौकड़ी कर रहे हैं और हैरान-परेशान-सी वही महिला उनके बीच खड़ी है...

साधु ने महिला से पूछा, "बेटी, क्या ये सब तुम्हारे ही बच्चे हैं...?"

महिला ने प्रणाम कर जवाब दिया, "जी महाराज..."

साधु बोला, "प्रभु को कोटि-कोटि धन्यवाद... मेरी तपस्या सफल हुई...

अच्छा, यह बताओ, तुम्हारे पति दिखाई नहीं दे रहे, कहां गए हैं...?"

महिला ने जानकारी दी, "महाराज, वह हिमालय पर्वत पर गए हैं..."

साधु ने हैरान होकर पूछा, "वह हिमालय पर्वत पर क्या करने गए हैं...?"

महिला ने उत्तर दिया, "जो दीपक आपने जलाया था, उसे बुझाने के लिए..."

सोमवार, 25 अप्रैल 2011

आपने कहाँ किया निवेश ....

सोना - 29 प्रतिशत
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
चांदी - 74 प्रतिशत
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
कच्चा तेल - 40 प्रतिशत
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
सेन्सेक्स -36 प्रतिशत
XXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXXX
...और

प्याज़ -980 प्रतिशत...

अरे यार ,

एक लाख के प्याज़ खरीदे होते,
तो आज करोडपति हो जाता

शनिवार, 23 अप्रैल 2011

रिजेक्स्न लैटर या अपोइंटमेंट लैटर !


लालू प्रसाद जी ने अपना बायो-डाटा माइक्रोसॉफ्ट कारपोरेशन,

युएसए
में नौकरी के पाने के लिए अप्लाई किया!

कुछ
दिनों बाद वहां से रिप्लाई आया :


Dear Mr. Laloo Prasad,
You do not meet our requirements.

Please do not send any further correspondence.


No phone call shall be entertained.


Thanks Bill Gates.


लालू प्रसादजी खुशी के मारे उछलने लगे इस रिप्लाई को पड़ने के बाद.

और उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस की व्यवस्था की :


"भाइयों और बहनों,आप को जान कर ख़ुशी होगी की हमको अमेरीका में नौकरी मिल गयी है।

" हर कोई आश्चर्य चकित था .
लालू जी बोलते रहे ... ..

"अब हम आप सब को अपना अपोईंमेंट लैटर पढ़कर सुनाऊंगा,

पर लैटर अंग्रेजी में है - इसलिए साथ साथ हिंदी में ट्रांसलेट भी करूंगा।

प्यारे लालू प्रसाद भैय्या

You do not meet----आप तो मिलते ही नहीं हो


our requirement --हमको तो ज़रुरत है


Please do not send any further correspondence --

अब लैटर वैटर भेजने का कौना ज़रुरत नाही


No phone call----फोनवा का भी ज़रुरत नाही है


shall be entertained ---बहुत खातिर की जायेगी.


Thanks----आपका बहुत बहुत धन्यवाद.


Bill Gates----तोहार बिलवा.

शुक्रवार, 22 अप्रैल 2011

"क्या सभी मर गये थे ???"


नेताओं से भरी एक बस जा रही थी. अचानक बस रोड़ छोड़ कर नीचे खेत में एक
पेड़ से जा टकरायी.

एक बुढ़ा किसान जिसका वह खेत था दौड़ता हुआ आया. सब कुछ
देख उसने एक गड्ढा खोदना शुरू किया और फ़िर उसमे नेताओं को दफ़ना दिया.

कुछ दिन बाद स्थानीय प्रशासन को बस के एक्सीडेंट के बारे में पता लगा,
उन्होने किसान से पुछा की सारे नेता कहाँ गये.

किसान ने बताया की उसने सभी को दफ़ना दिया है..
"क्या सभी मर गये थे???" आश्चर्यचकित हो पुछा गया

किसान ने बताया " नही! कुछ कह रहे थे की वो नही मरे,
पर आप तो जानते ही है की ये नेता झुठ कितना बोलते है..."

बुधवार, 20 अप्रैल 2011

आपमें हिम्मत नहीं की उसे ...


चमन भाई को पता चला की उसके एकाउंटेंट ने उसे ५० करोड़ का चुना लगाया है.

एकाउंटेंट गूंगा और बहरा था. उसे नौकरी पर इसलिये लगाया था की बहरा होने के कारण कभी कोई राज़ की बात सुन नहीं सकेगा, और गूंगा होने के कारण कभी कोर्ट में उसके खिलाफ गवाही नहीं दे सकेगा.

चमन भाई को गूंगे-बहारो के इशारो की समझ नहीं थी इसलिये पूछताछ के लिए अपने दाहिने हाथ "सटकेला" को ले गया जिसे इशारो की समझ थी.

चमन भाई ने एकाउंटेंट से पूछा "बता तुने जो मेरे ५० करोड़ उडाये है वो कहाँ छुपा रखे है?"

सटकेला ने इशारो में एकाउंटेंट से पुछा उसने पैसे कहाँ छुपाये.

एकाउंटेंट ने इशारे में कहाँ : "मैं कुछ नहीं जानता तुम किं पैसो की बात कर रहे हो"

सटकेला ने चमन भाई से कहा: "भाई बोल रहा वो कुछ नहीं जानता हम किं पैसो की बात कर रहे है."

चमन भाई को गुस्सा आ गया और पिस्तौल एकाउंटेंट की कनपट्टी पर रखकर बोला "अब फिर पूछ!"

सटकेला ने इशारों में एकाउंटेंट को कहा: "तुने अगर नहीं बताया और भाई ने घोडा दबा दिया तो समझ ले तेरी वाट लग जायेगी!"

एकाउंटेंट ने डरकर इशारे किये: "अच्छा! में बताता हूँ! मैंने पैसे मेरे चचेरे भाई संतु के घर के पिछवाड़े में गाड़ दिए थे!"

चमन भाई ने पूछा: "क्या बोलता है सटकेला?"

सटकेला ने जवाब दिया: "भाई... बोलता है... की आपमें हिम्मत नहीं की उसे गोली मार सके!!"

मंगलवार, 19 अप्रैल 2011

हम बहुत बड़ी मुसीबत में फंस गये हैं ......


दो भाई थे। एक की उम्र 8 साल दूसरे की 10 साल। दोनों बड़े ही शरारती थे। उनकी शैतानियों से पूरा मोहल्ला तंग आया हुआ था। मातापिता रातदिन इसी चिन्ता में डूबे रहते कि आज पता नहीं वे दोनों क्या करें।

एक दिन गांव में एक साधु आया। लोगों का कहना था कि बड़े ही पहुंचे हुये महात्मा है। जिसको आशीर्वाद दे दें उसका कल्याण हो जाये। पड़ोसन ने बच्चों की मां को सलाह दी कि तुम अपने बच्चों को इन साधु के पास ले जाओ। शायद उनके आशीर्वाद से उनकी बुध्दि कुछ ठीक हो जाये। मां को पड़ोसन की बात ठीक लगी। पड़ोसन ने यह भी कहा कि दोनों को एक साथ मत ले जाना नहीं तो क्या पता दोनों मिलकर वहीं कुछ शरारत कर दें और साधु नाराज हो जाये।

अगले ही दिन मां छोटे बच्चे को लेकर साधु के पास पहुंची। साधु ने बच्चे को अपने सामने बैठा लिया और मां से बाहर जाकर इंतजार करने को कहा ।

साधु ने बच्चे से पूछा - ”बेटे, तुम भगवान को जानते हो न ? बताओ, भगवान कहां है ?”

बच्चा कुछ नहीं बोला बस मुंह बाए साधु की ओर देखता रहा। साधु ने फिर अपना प्रश्न दोहराया । पर बच्चा फिर भी कुछ नहीं बोला। अब साधु को कुछ चिढ़ सी आई। उसने थोड़ी नाराजगी प्रकट करते हुये कहा - ”मैं क्या पूछ रहा हूं तुम्हें सुनाई नहीं देता । जवाब दो, भगवान कहां है ?” बच्चे ने कोई जवाब नहीं दिया बस मुंह बाए साधु की ओर हैरानी भरी नजरों से देखता रहा।

अचानक जैसे बच्चे की चेतना लौटी। वह उठा और तेजी से बाहर की ओर भागा। साधु ने आवाज दी पर वह रूका नहीं सीधा घर जाकर अपने कमरे में पलंग के नीचे छुप गया। बड़ा भाई, जो घर पर ही था, ने उसे छुपते हुये देखा तो पूछा - ”क्या हुआ ? छुप क्यों रहे हो ?”

”भैया, तुम भी जल्दी से कहीं छुप जाओ।” बच्चे ने घबराये हुये स्वर में कहा। ”पर हुआ क्या ?” बड़े भाई ने भी पलंग के नीचे घुसने की कोशिश करते हुये पूछा।

”अबकी बार हम बहुत बड़ी मुसीबत में फंस गये हैं। भगवान कहीं गुम हो गया है और लोग समझ रहे हैं कि इसमें हमारा हाथ है!”

रविवार, 17 अप्रैल 2011

बिल्कुल सही, पापा..


रोहन के पिता ने उसके स्कूल का रिपोर्ट कार्ड

देखकर गुस्से में कहा,


"इतने कम मार्क्स... दिल करता है,


दो थप्पड़ लगाऊं..."

रोहन ने तपाक से कहा,

"बिल्कुल सही, पापा... चलो मेरे साथ,


मैंने मैडम का घर भी देखा है..."

गुरुवार, 14 अप्रैल 2011

हम 15 अंश से उत्तर की तरफ मुड नही सकते कयोंकि ....



निचे दिया हुआ 1995 में अमेरीकन समुद्री जहाज पर तैनात अधिकारी और कॅनेडीयन अधिकारी

के बीच देर रात हुवा संवाद है --

कॅनेडीयन अधिकारी (लाऊडस्पिकर पर ) - दुर्घटना से बचनेके लिए कृपया अपना जहाज

15 अंश दक्षिण की तरफ मोड़िये

अमेरीकन अधिकारी (लाऊडस्पिकर पर) - दुर्घटना से बचनेके लिए आप ही कृपया अपना

जहाज 15 अंश उत्तर की तरफ मोड़िये

कॅनेडीयन अधिकारी (लाऊडस्पिकर पर ) - नही यह मुमकिन नही, दुर्घटना से बचनेके लिए

आपको ही अपना जहाज 15 अंश दक्षिण की तरफ मोडना पडेगा।

अमेरीकन अधिकारी (लाऊडस्पिकर पर) - मै अमेरीकन नेवी जहाज का कप्तान बोल रहा हूं।

मै फिर से बोल रहा हूं की तुम्हारा जहाज 15 अंश उत्तर की तरफ मोडो।

कॅनेडीयन अधिकारी (लाऊडस्पिकर पर ) - नही, मै फिर से बोल रहा हूं की आप आपका जहाज

15 अंश दक्षिण की तरफ मोड़िये।

अमेरीकन अधिकारी (लाऊडस्पिकर पर) - यह अमेरिकन प्लेन कॅरीयर यूएस लिंकन जहाज है,

अमेरीकन नेवी में यह दुनिया में दुसरा सबसे बडा जहाज है. और हमारे पास तीन बडे बडे

विनाशकारी रॉकेट्स, पांच बारुद से भरे हूए प्लेन्स और उसके अतिरिक्त बहुत सारे हथियार है।

और इस जहाज का मै कॅप्टन हूं। मै तुम्हे ऑर्डर और चेतावनी देता हूं की आप अपना जहाज

तुरंत 15 अंश उत्तरकी तरफ मोड़ो अन्यथा हम अपना जहाज बचाने के लिए कडी से कडी

कार्यवाही करेंगे।

कॅनेडीयन अधिकारी (लाऊडस्पिकर पर ) - हम 15 अंश से उत्तर की तरफ मुड नही सकते

क्योंकी यह एक लाईट हाउस है